Apple या Facebook के मुनाफे में चाहते हैं हिस्सा? जानिए घर बैठे आप कैसे विदेशी शेयरों में कर सकते हैं निवेश?

आप विदेशी शेयरों में म्यूचुअल फंड के जरिए या सीधे स्टॉक एक्सचेंजों और फिनटेक ऐप के जरिए निवेश कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि डायवर्सिफिकेशन के लिए अपने पोर्टफोलियो का 10 से 30% हिस्सा ग्लोबल स्टॉक्स में लगाया जा सकता है

पिछले कुछ अब एसआईपी के जरिए भी खरीदें शेयर सालों से भारतीयों के बीच विदेशी शेयरों में निवेश का चलन बढ़ा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) को म्यूचुअल फंड (MFs) की तरफ से विदेशी शेयरों में निवेश को निलंबित करना पड़ा क्योंकि उसने जितनी निवेश की अधिकतम सीमा तय की थी, वह पूरी हो गई थी। हालांकि विदेशी स्टॉक में निवेश करने के लिए म्यूचुअल फंड इकलौता तरीका नहीं है। इसे सीधे स्टॉक एक्सचेंजों और फिनटेक ऐप के जरिए भी किया जा सकता है। वित्त वर्ष 2022 में भारतीय ने 74.7 करोड़ डॉलर विदेशों में निवेश किए हैं।

विदेशी बाजारों में मौजूदा गिरावट ने भारतीय निवेशकों के लिए एक सस्ते वैल्यूएशन पर निवेश का मौका मुहैया कराया है। आइए जानते हैं कि आप विदेशों में सूचीबद्ध शेयरों में किन तरीकों से निवेश कर सकते हैं-

म्यूचुअल फंड्स

विदेशी सूचीबद्ध शेयरों में म्युचुअल फंड निवेश का प्रदर्शन अच्छा रहा है। अंतरराष्ट्रीय शेयरों पर फोकस वाली म्यूचुअल फंड्स स्कीमें 31 अगस्त, 2022 तक 38,014 करोड़ रुपये का एसेट मैनेज कर रही थीं। ये स्कीमें, ग्लोबल स्टॉक्स, किसी इलाके या किसी खास थीम वाले विदेशी शेयरों में निवेश करती है। विदेशों में निवेश करने के लिए म्युचुअल फंड एक पसंदीदा रास्ता के रूप में उभरा है क्योंकि यहां पोर्टफोलियो एक प्रोफेशनल के द्वारा मैनेज किया जाता है। साथ ही यह आपको छोटी रकम और मंथली एसआईपी की सुविधा भी देता है।

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इन योजनाओं के माध्यम से किए गए निवेश उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के माध्यम से किए गए निवेश के अंतर्गत नहीं आते हैं और इसे कराधान के उद्देश्य से गैर-इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं की इकाइयों में किए गए किसी भी अन्य निवेश की तरह माना जाता है।

आप सीधे भी स्टॉक खरीद सकते हैं

अगर आप म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेश नहीं करना चाहते हैं, तो आप सीधे भी स्टॉक खरीद सकतें हैं। विनवेस्टा (Winvesta), स्टॉककल (Stockcal), वेस्टेड फाइनेंस (Vested Finance) जैसी कई फिनटेक कंपनियों ने विदेशों में सूचीबद्ध शेयरों को खरीदना आसान बना दिया है।

कुछ भारतीय ब्रोकरेज ने इन फिनटेक कंपनियों के साथ करार किया है और अपने ग्राहकों को विदेशों में निवेश करने की अनुमति दी है। अमेरिका में, आपको शेयर का आंशिक हिस्सा खरीदने की भी इजाजत है जो भारतीय निवेशकों के लिए महंगे दाम वाले शेयरों को भी सुलभ बनाते हैं। लिब्ररलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत प्रत्येक वित्त वर्ष में 2,50,000 डॉलर तक निवेश कर सकते हैं।

गिफ्ट सिटी: ग्लोबल निवेश का प्रवेश द्वार

नेशलन स्टॉक एक्सचेंज का NSE IFSC और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के समर्थन वाले इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (India INX), दो ऐसी इकाईयां हैं जो विदेशों में निवेश की अनुमति देती हैं। India INX ने इंटरएक्टिव ब्रोकर्स के साथ करार किया है और विदेशों में 135 एक्सचेंजों तक पहुंच प्रदान करता है। यह किसी अन्य फिनटेक ऐप पर ट्रेड करना जैसा ही है।NSE IFSC आपको अमेरिका में सूचीबद्ध 50 चुनिंदा शेयरों के खिलाफ जारी किए गए अनसिक्योर्ड डिपॉजिटरी रिसीप्ट्स (UDR) में ट्रेड करने की इजाजत देता है। अमेरिका में मार्केट पार्टिसिपेंट्स भारत में पूर्व निर्धारित अनुपात में स्टॉक खरीदते हैं और UDR जारी करते हैं। आप इन्हें खरीद सकते हैं और ट्रेड गिफ्ट सिटी में तय होते हैं।

विदेशी शेयरों में आपको कितना निवेश करना चाहिए?

गूगल (अल्फाबेट), फेसबुक (Meta), माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी कंपनियों का शेयरहोल्डर होना एक दिलचस्प विचार है। यह आपको इन ग्लोबल कंपनियों के मुनाफे का हिस्सा बनने में मदद करता है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि डायवर्सिफिकेशन के नजरिए से अपने पोर्टफोलियो का 10 से 30 प्रतिशत हिस्सा ग्लोबल शेयरों में लगाना चाहिए। आप जो रास्ता अपनाते हैं और जितना पैसा आप विदेशों में निवेश करते हैं, वह आपके पोर्टफोलियो के साइज, वित्तीय लक्ष्यों और निवेश के समय के अलावा आपकी जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार अलग-अलग होगा। अधिकतर रिटेल निवेशकों के लिए पहले म्युचुअल फंड मार्ग बेहतर हो सकता है। अगर आप विदेशों में इक्विटी में पैसा लगाने के इच्छुक हैं, तो यह सब एक बार में न करें। संयमित तरीके से निवेश करना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि शेयरों में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LIC: शेयरों ने डुबाया निवेशकों का पैसा, पर म्यूचुअल फंड के जरिए 1 लाख रुपये को बनाया 18 लाख

एलआईसी के म्यूचुअल फंड ने दिया 18 फीसदी का रिटर्न. (फोटो- मनीकंट्रोल)

LIC Mutul Fund: एलआईसी की कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं. इन स्कीम्स ने एलआईसी के निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा कमाकर दिया है . अधिक पढ़ें

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : December 07, 2022, 12:42 IST

हाइलाइट्स

एलआईसी के शेयर अभी अपने आईपीओ प्राइस तक नहीं पहुंच पाए हैं.
हालांकि, इसके म्यूचुअल फंड ने अपने निवेशकों को बिलकुल निराश नहीं किया है.
एलआईसी म्यूचुअल फंड ने पिछले 20 साल में काफी अच्छा रिटर्न दिया है.

नई दिल्ली. लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोशन (LIC) के शेयरों ने अभी तक अपने शुरुआती निवेशकों को खुशी मनाने का मौका नहीं दिया है. इसके शेयर अब तक अपने आईपीओ प्राइस तक नहीं पहुंच पाए हैं. निवेशकों के इसमें अब तक 2 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. हालांकि, जहां एक तरफ एलआईसी के शेयर निवेशकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं, वहीं इसके म्युचूअल फंड ने अपने निवेशकों की खूब चांदी कराई है. एलआईसी के म्यूचुअल फंड ने पिछले 20 साल में अपने निवेशकों को 18.50 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है.

इसने 1 लाख रुपये के निवेश को इस अवधि में बढ़ाकर 18.70 लाख रुपये कर दिया है. एलआईसी की कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं जिन्होंने 20 साल में औसतन 10-16 फीसदी का सालान रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है. आज हम आपको एलाईसी की कुछ ऐसी ही म्यूचुअल फंड स्कीम्स की जानकारी देंगे.

एलआईसी एमएफ लार्ज कैप फंड
इस फंड ने 20 साल में 15.76 फीसदी का सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) दिया है. वहीं, सालाना आधार पर एसआईपी पर 12.68 फीसदी का रिटर्न इसने अपने निवेशकों को दिया है. 1 लाख रुपये के निवेश की वैल्यू 20 साल में बढ़कर 18.70 लाख रुपये हो गई है. अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश (एसआईपी) किया होता तो निवेशक की रकम बढ़कर 1.11 करोड़ रुपये हो गई होती. इस स्कीम में आपको न्यूनतम 1000 रुपये की एसआईपी या न्यूनतम 5000 रुपये का एकमुश्त निवेश करना होता है.

एलआईसी एमएफ टैक्स प्लान
इस स्कीम ने 20 साल में सालाना 14 फीसदी का रिटर्न दिया है. इस अवधि में 1 लाख रुपये के निवेश को 13.75 लाख रुपये बना दिया है. हर महीने 10000 रुपये का निवेश करने वालों की रकम बढ़कर 1 करोड़ रुपये हो गई है. इसमें आप 5000 रुपये से एकमुश्त निवेश और 1000 रुपये से एसआईपी की शुरुआत कर सकते हैं.

एलआईसी एमएफ फ्लेक्सी कैप फंड
इस फंड ने निवेशकों को 20 साल में 12.85 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है. इस अवधि में 1 लाख रुपये के निवेश को इसने 11.20 लाख में बदल दिया है. वहीं, हर महीने 10000 रुपये का एसआईपी करने वाले निवेशक की रकम अब तक 81.89 लाख रुपये कर दी है. इस स्कीम में भी पहली 2 स्कीम की तरह 5000 रुपये के एकमुश्त निवेश और 1000 रुपये के एसआईपी से शुरुआत की जा सकती है.

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SIP Hits Luxury Car Sales: SIP में बढ़ते निवेश के चलते नहीं बिक रही भारत में लग्जरी कारें, Mercedes-Benz का अजीबोगरीब बयान!

SIP Investment: Mercedez-Benz का मानना है कि पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में बचत को लेकर लोगों का रूझान ज्यादा है. सोशल सिक्योरिटी के अभाव में लोग अपने और बच्चों के लिए निवेश और बचत करते हैं.

By: ABP Live | Updated at : 28 Nov 2022 01:19 PM (IST)

Edited By: manishkumar

SIP Investment Hurts Luxury Car Sales: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए इन दिनों किया जाने वाला निवेश लगातार बढ़ता जा रहा है. अक्टूबर 2022 में केवल एक महीने में एसआईपी में निवेश रिकॉर्ड 13000 करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है. दुनिया के बड़े देशों के शेयर बाजार में भारी गिरावट के बावजूद एसआईपी के जरिए बढ़ते निवेश के कारण भारतीय शेयर बाजार ऐतिहासिक ऊंचाई के लेवल पर कारोबार कर रहा है. लेकिन दिग्गज लग्जरी कारें एसयूवी बनाने वाली कंपनी मर्सिडीज-बेंज (Mercedez-Benz) इंडिया के एक आला अधिकारी का मानना है कि म्यूचुअल फंडों में एसआईपी के जरिए बढ़ते निवेश के चलते लग्जरी गाड़ियों के सेल्स को नुकसान हो रहा है.

SIP बनी लग्जरी कार इंडस्ट्री की प्रतिद्वंदी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मर्सिडीज बेंज इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग हेड संतोष अय्यर ने कहा कि सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान हमारे सबसे बड़े प्रतिद्वंदी हैं. उन्होंने कहा कि मैं अपने टीम सदस्यों से कहता हूं कि अगर आपने सिस्टमैटिक इवेस्टमेंट प्लान के निवेश के साइकिल को तोड़ दिया तो इससे हमें जबरदस्त फायदा होगा. यानि उनका कहना है कि एसआईपी में निवेश को रोकने या उसे बीच में तोड़ने में आप कामयाब हो गए तो लग्जरी गाड़ियों के सेल्स में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल सकता है. संतोष अय्यर के मुताबिक पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में बचत को लेकर लोगों का रूझान ज्यादा है. सोशल सिक्योरिटी के अभाव में लोग अपने लिए और बच्चों के लिए निवेश और बचत करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई लग्जरी कार खरीदने वाला, संभावित कस्टमर जो 50,000 रुपये एसआईपी निवेश के जरिए बचत कर रहा अगर उस बचत को लग्जरी कार मार्केट की ओर मोड़ दिया जाए तो इससे लग्जरी कार इंडस्ट्री को जबरदस्त फायदा होगा.

FII पर रिटेल निवेशक भारी
कोरोना महामारी ने 2020 में जब भारत में दस्तक दी और उसके चलते मार्च 2020 में देश में लॉकडाउन लग गया. लोग घर की चारदीवारी में बंद रहने को मजबूर हो गए. लॉकडाउन के चलते भारतीय शेयर बाजार औंधे मुंह गिर चुका था. सेंसेक्स 42000 के नीचे 27000 और निफ्टी 12400 से 7500 के लेवल तक नीचे जा आ गया. लेकिन बाजार में इस आई इस गिरावट में रिटेल निवेशकों को निवेश का बड़ा अवसर नजर आया जो पुरानी तेजी को भूनाने में पीछे रह गए थे. उन्होंने घर में रहते हुए शेयर बाजार में, म्यूचुअल फंड में रिकॉर्ड निवेश करना शुरू कर दिया. इसका असर ये हुआ कि 2022 में वैश्विक उठापटक के बावजूद सेंसेक्स 62,643 और निफ्टी 18600 के करीब अपने के रिकॉर्ड हाई पर ट्रेड कर रहा है. विदेशी निवेशकों पर अब रिटेल निवेशक भारतीय बाजार में हावी हो चुके हैं.

ढाई साल में खुले 6 करोड़ डिमैट खाता
31 मार्च 2020 तक देश में जहां केवल 4 करोड़ डिमैट खाते थे उसकी संख्या बढ़कर 10 करोड़ के पार जा पहुंची. लॉकडाउन के बाद से लेकर अब तक 6 करोड़ डिमैट खाता खुल चुके हैं. तो म्यूचुअल फंड में भी एसआईपी के जरिए निवेश में बेहताशा बढ़ोतरी देखने को मिली. एसआईपी में बढ़ते निवेश के चलते दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार इससे बेअसर रहा है. मई 2022 के बाद से लगातार हर महीने 12000 करोड़ रुपये से ज्यादा एसआईपी के जरिए निवेश बाजार में आया है.

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Published at : 28 Nov 2022 01:08 PM (IST) Tags: indian stock market Mutual fund systematic investment plan SIP investment Mercedez Benz SIP Investment Hurts Luxury Car Sales हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

Mutual Fund: क्या गिरते हुए बाजार में SIP जारी रखने हो सकता है बड़ा फायदा? जानें पूरी डिटेल

Mutual Fund बाजार के जानकारों का मानना है कि एसआईपी के जरिए निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से हमेशा धीरे- धीरे एक निश्चित राशि को निवेश करते रहना चाहिए। इससे उन्हें बाजार के सभी उतार- चढ़ाव का फायदा मिलता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। नए निवेशकों के लिए जब भी शेयर बाजार में निवेश की बात आती है तो जानकर सलाह देते हैं कि उन्हें एसआईपी (SIP) के जरिए अपनी निवेश यात्रा की शुरुआत करनी चाहिए। एसआईपी एक ऐसा फाइनेंशियल इंस्टूरमेंट है, जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से लंबी अवधि में एक बड़ा फंड जमा कर सकता है।

बाजार में गिरावट के दौरान देखा गया है कि कई निवेशक अपनी एसआईपी रोक देते हैं और सोचते हैं कि जैसे बाजार में फिर से बढ़त शुरू हो जाएगी, फिर वे दोबारा इस राशि को निवेश करेंगे। ऐसे में वे गिरावट में निवेश करने का एक बड़ा मौका छोड़ देते हैं।

FPI invest 11599 crore in indian share market (Jagran File Photo)

निवेश के अनुशासन जरूरी

निवेश में किसी भी निवेशक का व्यवहार उतना ही जरूरी होता है, जितना उसकी ओर से सही शेयर और म्यूचुअल फंड को चुनना। जब भी बाजार में तेजी होती है तो हर निवेशक लगता है कि सब उसके हिसाब से हो रहा है और उसे निवेशित रहना चाहिए। लेकिन ऐसा ही अनुशासन गिरते हुए बाजार में जरूरी होता है और यह हमारे रिटर्न को बढ़ाने में मदद करता है।

Indian Economic Growth in a critical phase slow growth

SIP जारी रखने के फायदे

अब इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं। अगर आप यूटीआई निफ्टी इंडेक्स फंड में जनवरी 2019 से अगस्त 2022 तक लगातार 5000 रुपये की मासिक एसआईपी करते, तो आपने अब तक 2.20 लाख रुपये का निवेश किया होता और यह रकम बढ़कर 3.04 रुपये हो गई होती। इस तरह आपको 18.25 प्रतिशत का रिटर्न मिल गया होता।

warren buffett inspirational quotes for investors (Jagran File Photo)

वहीं, बाजार की गिरावट के दौरान अगर आपने अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक के लिए एसआईपी बंद कर दी होती, तो अपने अब तक 1.90 हजार रुपये का निवेश किया होता और यह रकम बढ़कर 2.51 लाख रुपये हो चुकी होती। इस दौरान आपको 15.98 प्रतिशत का रिटर्न मिल गया होता।

अगर आपने अपनी एसआईपी अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक के लिए रोक दी होती, तो अपने इस दौरान कुल 1.60 लाख रुपये का निवेश किया होता और आपकी रकम 2.11 लाख रुपये हो गई होती। इसमें आपको 15.66 फीसदी का रिटर्न मिल गया होता। इस कैलकुलेशन माना गया है कि निवेश हर महीने की 10 तारीख को एसआईपी देता है। इसमें अपने देखा कि एसआईपी जारी रखने वाले निवेशक को अन्य निवेशकों की तुलना में अधिक लाभ हुआ है।

Investment: हर महीने 1000 रुपये का निवेश करके बनाएं लाखों, जानिए क्या हैं विकल्प

पैसे से हर किसी की जिंदगी खुशहाल बनी रहती है. पैसा नहीं होने पर लोगों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं. ऐसे में पैसे कमाने के साथ-साथ निवेश भी करते रहना चाहिए. ताकि भविष्य की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकें.

Published: October 29, 2020 5:08 PM IST

Rs 500 Note

आज के आधुनकि जीवन में हर किसी की आवश्यकताएं बढ़ती जा रही हैं. इसके साथ कोई भी व्यक्ति जीवन भर काम नहीं करना चाहता है. ऐसे में अपने भविष्य को सुरक्षित करने और सभी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए निवेश करना बहुत आवश्यक हो जाता है.

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लेकिन निवेश करने से पहले अपनी आय का आकलन करना पड़ता है. साथ ही यह भी तय करना पड़ता है कि किस जरूरत को पूरा करने के लिए आप निवेश करना चाह रहे हैं. यह भी तय करना होगा कि कितना पैसा निवेश करना चाहते हैं और कहां पर निवेश करना चाहते हैं.

पहले तो आपको निवेश और बचत के अंतर को समझना जरूरी है. अक्सर लोग बचत तो करते हैं, लेकिन निवेश नहीं करते. जब आप निवेश करते हैं तो आप इसे केवल सुरक्षित नहीं अब एसआईपी के जरिए भी खरीदें शेयर रखते, बल्कि इसे बढ़ाने का प्रयत्न करते हैं. निवेश करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि आपके पास ढेर सारे पैसे हों. आप हर महीने 500 या 1000 रुपये भी निवेश करके अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं.
हम आपको यहां पर ऐसे ही पांच तरीके बता रहे हैं जहां हर महीने 1000 रुपये निवेश करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

कंपनियों के शेयरों में निवेश

शेयर बाजार में विभिन्न कंपनियों के स्टॉक में हर महीने 1000 रुपये निवेश करके आप अपना पोर्टफोलियो अच्छा बना सकते हैं. हालांकि, इतनी कम राशि में आप बड़ी कंपनियों के महंगे स्टॉक्स में निवेश नहीं कर पाएंगे, लेकिन कई ऐसी कंपनियां हैं जो अच्छा ग्रोथ कर रही हैं और उनके शेयर की कीमत 1000 रुपये से कम है. ऐसी कंपनियों का शेयर खरीदकर आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले अच्छी तरह रिसर्च करें और शेयर इस मकसद से खरीदें कि आपको इसे 7 से 10 साल के बाद बेचना है. इसलिए ऐसी कंपनी के शेयर खरीदें जिसके फंडामेंटल्स काफी मजबूत हों.

रेकरिंग टर्म डिपॉजिट

रेकरिंग डिपॉजिट (RD) एक तरह का टर्म डिपॉजिट है जो निवेशकों की रेगुलर सेविंग की आदत को बढ़ावा देता है. RD अकाउंट में हर महीने मिनिमम 100 रुपये निवेश किया जा सकता है. इसकी अधिकतम मेच्योरिटी 10 साल की है. इसमें ग्राहकों को 3 फीसदी से लेकर 9 फीसदी तक Interest मिलता है. यह भी फिक्स्ड डिपाजिट की तरह फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट आप्शन है, लेकिन यहां निवेश के लिए अधिक सहूलियत है. FD में जहां एक मुश्त पैसा लगाना पड़ता है, RD में आप SIP की तरह अलग-अलग इंस्टालमेंट में मंथली बेसिस पर निवेश कर सकते हैं.

म्यूचुअल फंड्स में निवेश

आप म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में हर महीने कम से कम 500 रुपये का निवेश भी कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों से पैसे जुटाती हैं और वे कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं. जो लोग शेयर बाजार में निवेश के बारे में बहुत नहीं जानते, उनके लिए म्यूचुअल फंड्स निवेश का एक अच्छा विकल्प है. निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से Mutual Funds स्कीम चुन सकते हैं. Mutual Funds के किसी डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको कमीशन नहीं देना पड़ता है. इसलिए लंबी अवधि के निवेश में आपका रिटर्न बहुत बढ़ जाता है. SIP के जरिये आप इसमें निवेश कर सकते हैं. आप चाहें तो इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund), डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund) या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड स्कीम (Hybrid Mutual Fund) में निवेश कर सकते हैं.

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) एक छोटी बचत योजना है, जिसमें आप 100 रुपये से लेकर कितनी भी राशि निवेश कर सकते हैं. इस समय इस पर 6.8 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. आप इसे पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक से अब एसआईपी के जरिए भी खरीदें शेयर खरीद सकते हैं. इसमें निवेश करने पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनिफिट मिलता है. अगर आप पांच साल के लिए NSC में हर महीने 1000 रुपये निवेश करते हैं तो एक साल में इसमें 12,000 रुपये जमा होते हैं, लेकिन पांच साल के बाद यही अमाउंट 16,674 रुपये हो जाती है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करने में सबसे कम जोखिम है. इसमें पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं रहता है. अभी PPF पर सालाना 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है और सरकार इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत PPF में निवेश करने पर 1.5 लाख तक का टैक्स लाभ भी देती है. इसका लॉक पीरियड 15 साल है. 15 साल तक अगर आप PPF में हर महीने 1000 रुपये जमा करते हैं तो कुल जमा राशि 1,80,000 हो जाती है, लेकिन बदले में आपको 3,25457 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा टैक्स बेनिफिट अलग से मिलेगा.

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