एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) के तीन टार्गेटेड मैच्योरिटी फंड पेश

अब आपके मन में सवाल उठ सकते हैं कि ये म्यूचुअल फंड कब खुलेंगे, इनका निवेश कहाँ होगा, ये किन निवेशकों के लिए होते हैं, और क्या आपको भी इसमें निवेश करना चाहिए?
एसबीआई म्यूचुअल फंड के इन तीन लक्षित परिपक्वता फंडों में पहला है एसबीआई क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - जून 2036 फंड (SBI CRISIL IBX Gilt Index – June 2036 Fund)। इसका न्यू फंड ऑफर (NFO) गुरुवार 22 सितंबर 2022 को खुला है और यह 28 सितंबर 2022 को बंद होगा। एसबीआई क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - अप्रैल 2029 फंड (SBI CRISIL IBX Gilt Index – April 2029 Fund) का एनएफओ सोमवार, 26 सितंबर 2022 से लेकर 3 अक्तूबर 2022 तक खुला है। एसबीआई क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - सितंबर 2027 फंड (SBI CRISIL IBX SDL Index – September 2027 Fund) का एनएफओ भी सोमवार 26 सितंबर 2022 को खुला है और 3 अक्तूबर 2022 को बंद होगा।

फंड आवंटन

एसबीआई म्यूचुअल फंड के ये तीनों फंड खुली अवधि वाले (ओपन एंडेड) लक्षित परिपक्वता इंडेक्स फंड हैं, जो क्रमशः क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - जून 2036 इंडेक्स, क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - अप्रैल 2029 इंडेक्स और क्रिसिल आईबीएक्स एसडीएल इंडेक्स - सितंबर 2027 इंडेक्स के घटकों में निवेश करेंगे। ये लक्षित परिपक्वता इंडेक्स फंड (टीएमएफ) क्रमशः क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - जून 2036, क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स - अप्रैल 2029 और क्रिसिल आईबीएक्स एसडीएल इंडेक्स - सितंबर 2027 में शामिल की गयी प्रतिभूतियों (सिक्योरिटी) में अपनी संपत्ति का न्यूनतम 95% और अधिकतम 100% निवेश करेंगे। ये फंड अपनी संपत्ति का 5% तक योजना की परिपक्वता तिथि पर या उससे पहले परिपक्व होने वाली सरकारी प्रतिभूतियों, त्रिपक्षीय रेपो सहित मुद्रा बाजार के साधनों और लिक्विड म्यूचुअल फंड की इकाइयों में निवेश कर सकते हैं।

योजना का उद्देश्य

इस फंड का ऐलान करते समय एसबीआई म्यूचुअल फंड के डिप्टी एमडी और मुख्य व्यवसाय अधिकारी डीपी सिंह ने कहा कि ये फंड मौजूदा उच्च ब्याज दर परिदृश्य के तहत निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकते हैं क्योंकि वे 'मौजूदा बाजार प्रतिफल पर निवेश करने का अवसर प्रदान करते हैं।' इन योजनाओं के फंड मैनेजर दिनेश आहूजा हैं। एसबीआई एमएफ के अनुसार इन योजनाओं का निवेश उद्देश्य ऐसा प्रतिफल (रिटर्न) प्रदान करना है, जो अंतर्निहित सूचकांक (अंडरलाइंग इंडेक्स) के प्रतिफल के अनुरूप हो, हालाँकि यह ट्रैकिंग त्रुटि के अधीन है।

इन योजनाओं से किसको लाभ

लक्षित परिपक्वता फंड में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो इसके कुछ फायदे जान लें। टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? ये टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? निवेशकों को अपना पैसा किसी भी समय निवेश करने या पैसे वापस निकालने की अनुमति देते हैं। इन फंडों पर टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? कितना प्रतिफल प्राप्त होगा, इसका अनुमान भी लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, ये निवेशकों को ब्याज दर जोखिमों से भी टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? सुरक्षा प्रदान करते हैं, क्योंकि इनमें बॉन्ड परिपक्वता तक रखे जाते हैं।
अगर आप इनमें आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए न्यूनतम राशि 5000 रुपये है, और उसके बाद, 1 रुपये के गुणकों में है। एसबीआई म्यूचुअल फंड की प्रबंधन के अधीन औसत परिसंपत्ति (एएयूएम) 31 अगस्त 2022 तक 6.99 लाख करोड़ रुपये थी।

जानिए क्‍या होता है बॉन्‍ड ईटीएफ

​बाजार में दस्तक देने वाला है भारत बॉन्ड ईटीएफ

भारत बॉन्ड ईटीएफ 12 दिसंबर को बाजार में दस्तक देने वाला है. म्यूचुअल फंड सहित कई निवेशक ईटीएफ के बारे में बहुत नहीं समझते हैं. यही वजह है कि हम यहां इनके बारे में बुनियादी चीजें बता रहे हैं.

​ईटीएफ क्या है?

​ईटीएफ क्या है?

ईटीएफ या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शेयरों के एक सेट में निवेश करते हैं. ये अमूमन एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं. ईटीएफ म्यूचुअल फंड जैसे होते हैं. लेकिन, दोनों में बड़ा अंतर यह है कि ईटीएफ को केवल स्टॉक एक्सचेंज से खरीदा या बेचा जा सकता है. जिस तरह आप शेयरों को खरीदते हैं. ठीक वैसे ही आप एक्सचेंज के कारोबारी घंटों के दौरान ईटीएफ को भी खरीद सकते हैं.

​बॉन्ड ईटीएफ क्या है?

​बॉन्ड ईटीएफ क्या है?

बॉन्ड ईटीएफ बॉन्ड के एक बास्केट या सेट में निवेश करते हैं. ये बॉन्ड अलग-अलग इंडेक्स को फॉलो करते हैं. बॉन्ड ईटीएफ गर्वनमेंट, कॉरपोरेट या पब्लिक सेक्टर यूनिट बॉन्डों में निवेश कर सकता है.

​क्या है लागत?

​क्या है लागत?

बॉन्ड ईटीएफ एक्टिवली मैनेज्ड डेट फंड के मुकाबले सस्ते होते हैं. उदाहरण के लिए भारत बॉन्ड ईटीएफ 0.0005 फीसदी चार्ज करेगा. एडलवाइज म्यूचुअल फंड का दावा है कि यह देश में सबसे सस्ता म्यूचुअल फंड प्रोडक्ट है. दुनिया में यह सबसे सस्ते डेट प्रोडक्टों में से एक है. इस फंड हाउस को भारत बॉन्ड ईटीएफ के प्रबंधन का जिम्मा मिला है.

क‍ितनी होती है अवधि?

क‍ितनी होती है अवधि?

बॉन्ड ईटीएफ शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म जैसे स्पेसिफिक मैच्योरिटी बकेट को ट्रैक करने की कोशिश करते हैं. कुछ बॉन्ड ईटीएफ में तय मैच्योरिटी की अवधि हो सकती है. मसलन भारत बॉन्ड ईटीएफ में दो मैच्योरिटी अवधि - तीन साल और 10 साल हैं. ऐसे बॉन्ड ईटीएफ को टारगेट मैच्योरिटी बॉन्ड ईटीएफ कहा जाता है. ये फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान की तरह टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? होते हैं. इनमें कभी भी निवेश को भुना लेने का अतिरिक्त फायदा होता है.

​क्‍‍‍‍या हैं टैक्स के न‍ियम?

​क्‍‍‍‍या हैं टैक्स के न‍ियम?

बॉन्ड ईटीएफ पर किसी अन्य रेगुलर डेट म्यूचुअल फंडों की तरह टैक्स लगता है. निवेश पर कैपिटल गेंस को 36 महीने से ज्यादा रखने पर इंडेक्सेशन बेनिफिट के बाद 20 फीसदी टैक्स लगता है. निवेश पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस को 36 महीने से कम रखा टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? जाता है तो आपके इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है.

​बॉन्ड ईटीएफ में कैसे निवेश करें?

​बॉन्ड ईटीएफ में कैसे निवेश करें?

बॉन्ड ईटीएफ सहित ईटीएफ में निवेश के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होती है. म्यूचुअल फंड निवेशकों के पास भी फंड ऑफ फंड के जरिये निवेश का विकल्प है. भारत बॉन्ड ईटीएफ के लिए एडलवाइज एएमसी फंड ऑफ फंड लॉन्च कर रहा है.

Target Maturity Fund: क्या है टारगेट मैच्योरिटी फंड, क्यों इनवेस्टर्स इसकी तरफ बढ़ा रहे हैं अपना इंटरेस्ट?

Target Maturity Fund: वर्ष 2019 में टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? भारत सरकार की तरफ से भारत बॉन्ड ईटीएफ (Bharat Bond ETF) जारी किया गया जिसके पास से टारगेट में छोटे फंड में निवेशक निवेश बढ़ा रहे हैं। देश के पहले टारगेट मैच्योरिटी फंड (Target Maturity) का प्रबंधन कर रहा है एडलवाइज म्युचुअल फंड ( Edelweiss Mutual Fund) । टारगेट में चोटी फंड की एक मैच्योरिटी डेट होती है कि वह डेट है जब स्कीम पोर्टफोलियो टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? निवेश ( Scheme Portfolio Investment) में क्यों हो जाता है। इस निवेश के अंतर्गत जल्द ही निकासी की सुविधा भी मिल जाती है आपको बता दें कि टारगेट में छोटी फंड में जब होल्डिंग पीरियड होता है उस दौरान जो भी ब्याज मिलता है उसका दोबारा से Investment कर दिया जाता है।

निवेश को करना होगा लंबी अवधि तक

वैसे तो कोई भी निवेशक मैच्योरिटी से पूर्व भी अपनी राशि निकाल सकता है लेकिन हाई रिटर्न प्राप्त करने के लिए इन्वेस्टर्स को इसमें मैच्योरिटी होने तक बना रहना चाहिए। इससे ब्याज दरें तो बढ़ती है इसके साथ-साथ इन्वेस्टर्स को अपना निवेश high-yield पर लॉगइन करने का चांस भी मिलता है।

Passively Managed Target Fund की तरफ निवेशक बढ़ा रहे हैं अपना रुझान

विश्लेषकों की मानें तो फ्रेंकलिन टेंपलटन संकट के बाद से पैसिवली मैनेज्ड टारगेट फंड की तरफ निवेशक अपना रुझान बढ़ा रहे हैं। फाइनेंशियल प्लानिंग (Financial Planing) करने वाले विशेषज्ञ निवेशकों को टैक्स बेनिफिट (Tax Benefit) का लाभ उठाने के लिए इस सेगमेंट में निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। आपको बता दें पैसिवली मैनेज्ड टारगेट फंड में अधिकतम यील्ड की भी संभावना रहती है। 2026 और 2027 के मैच्योरिटी टारगेट फंडों (Maturity Target Funds) की यील्ड है क्रमशः 7.48 और 7.55।

यही कारण है कि आज कल टारगेट मैच्योरिटी फंड की तरफ निवेशक अपना रुझान ज्यादा बढ़ा रहे हैं।

SBI Mutual Fund ने लॉन्च किया नया म्यूचुअल फंड, जानें आपके लिए इसमें क्या है खास

एसबीआई म्यूचुअल फंड ने एसबीआई सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 50:50 इंडेक्स फंड लॉन्च करने का ऐलान किया।

एसबीआई म्यूचुअल फंड ने सोमवार को एसबीआई सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 5050 इंडेक्स फंड लॉन्च करने का ऐलान किया जो निफ्टी सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 5050 इंडेक्स के घटकों में निवेश करने वाला एक ओपन-एंडेड टार्गेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने सोमवार को एसबीआई सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 50:50 इंडेक्स फंड लॉन्च करने का ऐलान किया, जो निफ्टी सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 50:50 इंडेक्स के घटकों में निवेश करने वाला एक ओपन-एंडेड टार्गेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड है। यह नया फंड ऑफर 3 जनवरी 2022 से 17 जनवरी 2022 तक खुलेगा। इस योजना का निवेश उद्देश्य रिटर्न प्रदान करना है, जो ट्रैकिंग एरर्स के अधीन अंटरलाइंग इंडेक्स द्वारा दर्शाए गई सिक्योरिटीज के कुल रिटर्न के साथ करीब से मेल खाए।

Rules Changes 1st January 2023 (Jagran File Photo)

SBI म्यूचुअल फंड के मुख्य व्यवसाय अधिकारी डी पी सिंह ने कहा कि यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो रिटर्न के लिए लक्ष्य परिपक्वता अवधि पूरी होने का इंतजार करें और सुरक्षित तरीके से निश्चित आय चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इस नए फंड की पेशकश के साथ, हम अपने निवेशकों के लिए अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करना जारी रखा हैं ताकि उन्हें अपने वित्तीय लक्ष्यों को कुशलतापूर्वक प्राप्त करने में सहायता मिल सके।"

Sovereign Gold Bond Susbcription Open (Jagran File Photo)

उन्होंने कहा कि एसबीआई सीपीएसई बॉन्ड प्लस एसडीएल सितंबर 2026 50:50 इंडेक्स फंड के साथ, हमने अपने एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स के अलावा, फिक्स्ड पैसिव इन्वेस्टमेंट स्पेस में अपने ऑफर करने वाले पोर्टफोलियो को बढ़ाना जारी रखते हैं।" सिंह ने कहा, "यह फंड निवेशकों को इंडेक्सेशन लाभ प्रदान करता है। पारंपरिक निवेश विकल्पों में इंडेक्सेशन (उच्चतम आय स्लैब दर मानकर) के बिना लगने वाले 30% टैक्स की तुलना में डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Funds) में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर इंडेक्सेशन के बाद 20% टैक्स लगता है।"

SBI म्यूचुअल फंड में फिक्स्ड इनकम के सीआईओ राजीव राधाकृष्णन ने कहा, "फंड तरलता के अतिरिक्त लाभ के साथ सीपीएसई बॉन्ड और एसडीएल में एक्सपोजर हासिल करने का अवसर प्रदान करता है। इस योजना की पूर्व-निर्धारित परिपक्वता 30 सितंबर, 2026 है। योजना की परिपक्वता तिथि के आसपास परिपक्व होने वाली प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता है।"

इमरजेंसी के लिए बेस्ट है ये फंड, परेशानी में तुरंत मिल जाता है कैश

जीवन में किसी अप्रत्याशित घटना की कल्पना करना मुश्किल होता है। यह किसी भी तरह की हो सकती है। अचानक नौकरी जा सकती है या गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इस तरह की स्थिति का सामना करने के लिए.

इमरजेंसी के लिए बेस्ट है ये फंड, परेशानी में तुरंत मिल जाता है कैश

जीवन में किसी अप्रत्याशित घटना की कल्पना करना मुश्किल होता है। यह किसी भी तरह की हो सकती है। अचानक नौकरी जा सकती है या गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इस तरह की स्थिति का सामना करने के लिए आपातकालीन कोष जरूरी है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन कोष के लिए एफडी से बेहतर विकल्प लिक्विड म्यूचुअल फंड है।

टारगेट को पूरा करने में करता है मदद
आपातकालीन कोष बनाने की प्रमुख वजह यह है कि किसी भी स्थिति में निवेश को छेड़ना नहीं पड़े। यानी अगर आपने कोई दूसरा निवेश घर या कार खरीदने के लिए कर रखा है तो उसको तोड़ने की जरूरत नहीं होगी। इस तरह आप अपने वित्तीय लक्ष्य को आसानी से पा लेंगे। वहीं आपातकालीन कोष नहीं होने पर आपको निवेश तोड़ने होंगे।

सावधि जमा के फायदे और नुकसान
आपातकालीन कोष का पैसा अगर आप सावधि जमा (एफडी) में रखना चाहते हैं टार्गेट मैच्योरिटी फंड्स में निवेश करने के फ़ायदे क्या हैं? तो आपको कम से कम सात दिन और अधिक से अधिक 10 साल तक निवेश का विकल्प मिलता है। मौजूदा समय में बैंकों की एफडी पर 5.5% से 7.75% का ब्याज मिल रहा है। इसलिए यह लंबी अवधि के लिए एक अच्छा विकल्प है। हालांकि, अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसे की जरूरत आ जाती है और एफडी को तोड़ देते हैं तो बैंक लगभग 0.5% से 1% की पेनल्टी लेते हैं। यानी अगर आपको अचानक पैसे की जरूरत आ गई तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

निवेश पर ज्यादा रिटर्न
लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में आपको एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न मिल सकता है। लिक्विड फंड्स का रिटर्न आमतौर पर 7% से 8% प्रति वर्ष के आसपास होता है। ऑनलाइन का इस्तेमाल करके, लिक्विड फंड में आसानी से निवेश किया जा सकता है। इसमें निवेश करने का दूसरा फायदा है कि कोई लॉक इन पीरियड नहीं होता है। यानी आपको पैसे की जब जरूरत पड़ी आप आसानी से निकाल सकते हैं।

जोखिम का आकलन
सुरक्षा की दृष्टि से, एफडी और लिक्विड फंड्स दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन सुनिश्चित रिटर्न के मामले में एफडी ज्यादा बेहतर है। लिक्विड फंड के मामले में बेहतर टैक्स कुशलता और तरलता मिलती है। यानी जब जरूरत हुई आप पैसे को आसानी से अपने खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, लिक्विड फंड बाजार से जुड़ा हुआ होता है तो मिलने वाला रिटर्न बाजार की चाल के अनुसार प्रभावित होता है।

यह भी जानें
एफडी में मिलने वाले ब्याज पर, टीडीएस लग सकता है। वहीं लिक्विड फंड्स में ऐसा नहीं होता है। एफडी से होने वाले आय पर निवेशक के कर स्लैब के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। लिक्विड फंड पर तीन साल से कम समय के लिए निवेश करने पर, निवेशक के कर स्लैब के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। अगर निवेश तीन साल से अधिक है तो इंडेक्सेशन के साथ 20% की दर से टैक्स लिया जाता है।

- 5.5% से 7.5% सालना ब्याज मिल रहा है एफडी पर

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